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तुर्की विदेशी ऋण
शेयर मूल्य
तुर्की में वर्तमान विदेशी ऋण का मूल्य 525.8 अरब USD है। तुर्की में विदेशी ऋण 1/9/2024 को बढ़कर 525.8 अरब USD हो गया, जो 1/6/2024 को 512.779 अरब USD था। 1/12/1989 से 1/9/2024 तक, तुर्की में औसत GDP 245.42 अरब USD थी। सबसे उच्चतम मूल्य 1/9/2024 को 525.8 अरब USD था, जबकि सबसे निम्नतम मूल्य 1/12/1989 को 43.91 अरब USD दर्ज किया गया।
विदेशी ऋण ·
३ वर्ष
5 वर्ष
10 वर्ष
२५ वर्ष
मैक्स
विदेशी कर्ज | |
---|---|
1/12/1989 | 43.91 अरब USD |
1/3/1990 | 45.06 अरब USD |
1/6/1990 | 46.68 अरब USD |
1/9/1990 | 50.52 अरब USD |
1/12/1990 | 52.38 अरब USD |
1/3/1991 | 49.39 अरब USD |
1/6/1991 | 48.42 अरब USD |
1/9/1991 | 50.22 अरब USD |
1/12/1991 | 53.62 अरब USD |
1/3/1992 | 51.58 अरब USD |
1/6/1992 | 55.58 अरब USD |
1/9/1992 | 59.75 अरब USD |
1/12/1992 | 58.6 अरब USD |
1/3/1993 | 60.51 अरब USD |
1/6/1993 | 63.58 अरब USD |
1/9/1993 | 68.64 अरब USD |
1/12/1993 | 70.51 अरब USD |
1/3/1994 | 70.84 अरब USD |
1/6/1994 | 69.85 अरब USD |
1/9/1994 | 69.48 अरब USD |
1/12/1994 | 68.71 अरब USD |
1/3/1995 | 74.44 अरब USD |
1/6/1995 | 76.1 अरब USD |
1/9/1995 | 75.73 अरब USD |
1/12/1995 | 75.95 अरब USD |
1/3/1996 | 76.13 अरब USD |
1/6/1996 | 78.67 अरब USD |
1/9/1996 | 79.02 अरब USD |
1/12/1996 | 79.3 अरब USD |
1/3/1997 | 76.38 अरब USD |
1/6/1997 | 79.63 अरब USD |
1/9/1997 | 81.96 अरब USD |
1/12/1997 | 84.36 अरब USD |
1/3/1998 | 85.75 अरब USD |
1/6/1998 | 90.39 अरब USD |
1/9/1998 | 95.71 अरब USD |
1/12/1998 | 96.35 अरब USD |
1/3/1999 | 94.92 अरब USD |
1/6/1999 | 93.62 अरब USD |
1/9/1999 | 97.38 अरब USD |
1/12/1999 | 103.12 अरब USD |
1/3/2000 | 104.75 अरब USD |
1/6/2000 | 109.48 अरब USD |
1/9/2000 | 110.71 अरब USD |
1/12/2000 | 118.6 अरब USD |
1/3/2001 | 116.95 अरब USD |
1/6/2001 | 114.38 अरब USD |
1/9/2001 | 119.77 अरब USD |
1/12/2001 | 113.59 अरब USD |
1/3/2002 | 114.88 अरब USD |
1/6/2002 | 124.77 अरब USD |
1/9/2002 | 126.48 अरब USD |
1/12/2002 | 131.82 अरब USD |
1/3/2003 | 132.7 अरब USD |
1/6/2003 | 137.77 अरब USD |
1/9/2003 | 142.46 अरब USD |
1/12/2003 | 148.41 अरब USD |
1/3/2004 | 148.92 अरब USD |
1/6/2004 | 152.69 अरब USD |
1/9/2004 | 157.77 अरब USD |
1/12/2004 | 165.77 अरब USD |
1/3/2005 | 164.34 अरब USD |
1/6/2005 | 167.6 अरब USD |
1/9/2005 | 171.15 अरब USD |
1/12/2005 | 175.57 अरब USD |
1/3/2006 | 190.2 अरब USD |
1/6/2006 | 198.85 अरब USD |
1/9/2006 | 204.12 अरब USD |
1/12/2006 | 215.46 अरब USD |
1/3/2007 | 219.89 अरब USD |
1/6/2007 | 232.49 अरब USD |
1/9/2007 | 244.75 अरब USD |
1/12/2007 | 259.74 अरब USD |
1/3/2008 | 274.17 अरब USD |
1/6/2008 | 296.97 अरब USD |
1/9/2008 | 301.97 अरब USD |
1/12/2008 | 285.39 अरब USD |
1/3/2009 | 270.15 अरब USD |
1/6/2009 | 275.19 अरब USD |
1/9/2009 | 278.37 अरब USD |
1/12/2009 | 276.8 अरब USD |
1/3/2010 | 274.59 अरब USD |
1/6/2010 | 276.5 अरब USD |
1/9/2010 | 296.09 अरब USD |
1/12/2010 | 308.5 अरब USD |
1/3/2011 | 316.56 अरब USD |
1/6/2011 | 332.35 अरब USD |
1/9/2011 | 327.63 अरब USD |
1/12/2011 | 320.86 अरब USD |
1/3/2012 | 332.08 अरब USD |
1/6/2012 | 338.41 अरब USD |
1/9/2012 | 343.76 अरब USD |
1/12/2012 | 357.21 अरब USD |
1/3/2013 | 366.2 अरब USD |
1/6/2013 | 382.42 अरब USD |
1/9/2013 | 390.78 अरब USD |
1/12/2013 | 404.98 अरब USD |
1/3/2014 | 402.46 अरब USD |
1/6/2014 | 417.49 अरब USD |
1/9/2014 | 413.61 अरब USD |
1/12/2014 | 416.43 अरब USD |
1/3/2015 | 404.19 अरब USD |
1/6/2015 | 415.2 अरब USD |
1/9/2015 | 413.3 अरब USD |
1/12/2015 | 402.86 अरब USD |
1/3/2016 | 415.25 अरब USD |
1/6/2016 | 425.35 अरब USD |
1/9/2016 | 418.89 अरब USD |
1/12/2016 | 406.29 अरब USD |
1/3/2017 | 413.77 अरब USD |
1/6/2017 | 433.93 अरब USD |
1/9/2017 | 440.41 अरब USD |
1/12/2017 | 451.15 अरब USD |
1/3/2018 | 457.38 अरब USD |
1/6/2018 | 448.27 अरब USD |
1/9/2018 | 434.81 अरब USD |
1/12/2018 | 426.33 अरब USD |
1/3/2019 | 432.39 अरब USD |
1/6/2019 | 424.31 अरब USD |
1/9/2019 | 416.05 अरब USD |
1/12/2019 | 414.35 अरब USD |
1/3/2020 | 410.02 अरब USD |
1/6/2020 | 405.68 अरब USD |
1/9/2020 | 413.64 अरब USD |
1/12/2020 | 428.39 अरब USD |
1/3/2021 | 424.7 अरब USD |
1/6/2021 | 437.31 अरब USD |
1/9/2021 | 445.3 अरब USD |
1/12/2021 | 435.2 अरब USD |
1/3/2022 | 443.2 अरब USD |
1/6/2022 | 438.66 अरब USD |
1/9/2022 | 436.57 अरब USD |
1/12/2022 | 456.73 अरब USD |
1/3/2023 | 474.23 अरब USD |
1/6/2023 | 476.12 अरब USD |
1/9/2023 | 480.33 अरब USD |
1/12/2023 | 499.9 अरब USD |
1/3/2024 | 501.65 अरब USD |
1/6/2024 | 512.78 अरब USD |
1/9/2024 | 525.8 अरब USD |
विदेशी ऋण इतिहास
तारीख | मूल्य |
---|---|
1/9/2024 | 525.8 अरब USD |
1/6/2024 | 512.779 अरब USD |
1/3/2024 | 501.651 अरब USD |
1/12/2023 | 499.898 अरब USD |
1/9/2023 | 480.333 अरब USD |
1/6/2023 | 476.118 अरब USD |
1/3/2023 | 474.231 अरब USD |
1/12/2022 | 456.728 अरब USD |
1/9/2022 | 436.568 अरब USD |
1/6/2022 | 438.661 अरब USD |
विदेशी ऋण के समान मैक्रो संकेतक
नाम | वर्तमान | पिछला | फ्रीक्वेंसी |
---|---|---|---|
🇹🇷 आतंकवाद सूचकांक | 3.968 Points | 4.168 Points | वार्षिक |
🇹🇷 आयात rss_CYCLIC_REPLACE_MARK rss_CYCLIC_REPLACE_MARK | 28.533 अरब USD | 28.702 अरब USD | मासिक |
🇹🇷 कच्चे तेल का उत्पादन | 110 BBL/D/1K | 105 BBL/D/1K | मासिक |
🇹🇷 चालू खाता | -3.795 अरब USD | -4.647 अरब USD | मासिक |
🇹🇷 चालू खाता घाटा सकल घरेलू उत्पाद के प्रतिशत के रूप में | -3.5 % of GDP | -5.1 % of GDP | वार्षिक |
🇹🇷 निधि अंतरण | 5 मिलियन USD | 7 मिलियन USD | मासिक |
🇹🇷 निर्यात | 20.761 अरब USD | 21.16 अरब USD | मासिक |
🇹🇷 पर्यटक आगमन | 2.172 मिलियन | 2.171 मिलियन | मासिक |
🇹🇷 पर्यटन आयें | 13.788 अरब USD | 23.22 अरब USD | तिमाही |
🇹🇷 पूंजी प्रवाह | -5.29 अरब USD | -4.369 अरब USD | मासिक |
🇹🇷 प्राकृतिक गैस आयात | 2,46,410.245 Terajoule | 2,45,868.854 Terajoule | मासिक |
🇹🇷 विदेशी प्रत्यक्ष निवेश | 934 मिलियन USD | 1.221 अरब USD | मासिक |
🇹🇷 व्यापार शेष (ट्रेड बैलेंस) | -7.771 अरब USD | -7.542 अरब USD | मासिक |
🇹🇷 व्यापारिक शर्तें | 87.85 points | 85.2 points | मासिक |
🇹🇷 शस्त्र बिक्री | 609 मिलियन SIPRI TIV | 535 मिलियन SIPRI TIV | वार्षिक |
🇹🇷 स्वर्ण भंडार | 614.97 Tonnes | 595.37 Tonnes | तिमाही |
तुर्की में, बाहरी ऋण कुल ऋण का एक हिस्सा है जो देश के बाहर के ऋणदाताओं को बकाया है।
अन्य देशों के लिए मैक्रो-पेज एशिया
- 🇨🇳चीन
- 🇮🇳भारत
- 🇮🇩इंडोनेशिया
- 🇯🇵जापान
- 🇸🇦सऊदी अरब
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- 🇻🇳वियतनाम
- 🇾🇪यमन
विदेशी ऋण क्या है?
एक्सटर्नल डेब्ट (बाह्य ऋण) एक महत्वपूर्ण विषय है, जो किसी राष्ट्र की आर्थिक स्थिति और उसकी दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता पर प्रत्यक्ष प्रभाव डालता है। यह विषय न केवल अर्थशास्त्रियों के लिए बल्कि निवेशकों, नीति निर्माताओं और आम जनता के लिए भी महत्वपूर्ण है। इसलिए, एक पेशेवर और एसईओ अनुकूल विवरण जो इस विषय को व्यापक और विस्तृत रूप में कवर करे, आवश्यक है। हमारी वेबसाइट Eulerpool इस संदर्भ में व्यापक और अद्यतित तथ्यात्मक डेटा प्रस्तुत करती है। बाह्य ऋण को परिभाषित करने के लिए, यह कहना उचित होगा कि इसमें वह सारा ऋण शामिल होता है जिसे एक देश ने विदेशी संस्थाओं, जैसे कि अंतरराष्ट्रीय संगठन, विदेशी सरकारें, और वैश्विक वित्तीय संस्थान, से लिया होता है। बाह्य ऋण को आम तौर पर विदेशी कर्ज या एक्सटर्नल जोड़ियों के रूप में भी जाना जाता है। यह ऋण विभिन्न प्रकारों में हो सकता है, जिसमें संप्रभु ऋण, निजी ऋण, और विदेशी मुद्रा ऋण शामिल होते हैं। बाह्य ऋण के लाभ और चुनौतियाँ दोनों हैं। यह ऋण किसी देश को आवश्यक वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने में मदद करता है, जो वित्तीय विकास, बुनियादी ढांचे के निर्माण, और सामाजिक योजनाओं के कार्यान्वयन के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं। उदाहरण के लिए, बाह्य ऋण के माध्यम से, एक देश स्वास्थ सेवाओं, शिक्षा, और सार्वजनिक परिवहन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण सुधार कर सकता है जो दीर्घकालिक रूप से उसके नागरिकों की जीवन गुणवत्ता में सकारात्मक रूप से सुधार करता है। हालांकि, बाह्य ऋण के साथ कुछ चुनौतियाँ भी जुड़ी होती हैं। प्रथम, बाह्य ऋण का अत्यधिक स्तर देश की वित्तीय स्थिति को कमजोर बना सकता है। जब एक देश बहुत अधिक बाह्य ऋण लेता है, तो इसे वापस चुकाने की क्षमता पर संदेह हो सकता है। ऐसे में, बाह्य ऋण की अदायगी के लिए विदेशी मुद्रा भंडार पर अत्यधिक निर्भरता हो सकती है, जिससे आर्थिक अस्थिरता की संभावना बढ़ जाती है। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि जब कोई देश अपने ऋणों की अदायगी में असमर्थ होता है, तो यह उसकी राष्ट्रीय साख को नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे भविष्य में और अधिक ऋण प्राप्त करना कठिन हो सकता है। दूसरा प्रमुख बिंदु यह है कि बाह्य ऋण पर ब्याज दरें और भुगतान शर्तें अक्सर कड़ी होती हैं। इसके अतिरिक्त, बाह्य ऋण के भुगतान के लिए विदेशी मुद्रा की जरूरत होती है, जो एक देश की भारतीय मुद्रा की व्यापारिक दर पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। इस संदर्भ में, हमें यह भी ध्यान में रखना चाहिए कि बाह्य ऋण का अत्यधिक स्तर देश को ऋण संकट (debt crisis) की ओर धकेल सकता है, जिससे आर्थिक मंदी और वित्तीय अस्थिरता उत्पन्न हो सकती है। बाह्य ऋण के संदर्भ में सस्टेनेबिलिटी (सततता) एक महत्वपूर्ण प्रश्न है। सस्टेनेबिलिटी इस बात पर निर्भर करती है कि कोई देश अपने ऋणों को बिना आर्थिक संकट के कितनी आसानी से चुकता कर सकता है। यह मुख्यतः देश के राजकोषीय नीति, विदेशी मुद्रा भंडार, और निर्यात की ताकत पर निर्भर करता है। उदाहरण के लिए, वे देश जिनके पास मजबूत निर्यात अनुमति है, वे बाह्य ऋण को अधिक सस्टेनेबल तरीके से मैनेज कर सकते हैं। इसके अलावा, सस्टेनेबिलिटी के लिए देश की सरकार की नीतिगत सक्रियता, जैसे कि कुशल राजस्व संग्रहण, विवेकपूर्ण व्यय प्रबंधन, और विदेशी निवेश को आकर्षित करने की क्षमता भी महत्वपूर्ण कारक हैं। अब एक महत्वपूर्ण प्रश्न आता है कि बाह्य ऋण का प्रभाव कैसे कम किया जा सकता है। इसके लिए निम्नलिखित उपाय महत्वपूर्ण हो सकते हैं: 1. आर्थिक सुधार और संरचनात्मक सुधार: आर्थिक सुधार और नीतिगत सुधार, जैसे कि व्यापारिक नीतियों का उदारीकरण, बुनियादी ढांचे का सुधार, और निजी क्षेत्र को प्रोत्साहित करने के उपाय, बाह्य ऋण का दबाव कम कर सकते हैं। 2. विदेशी निवेश को आकर्षित करना: विदेशी निवेश से प्राप्त पूंजी बाह्य ऋण के भार को कम करने में सहायक हो सकती है। 3. राजस्व संग्रहण को सुधारना: कर सुधार और कर छूट कम करने जैसे उपाय राजस्व बढ़ाने में सहायक हो सकते हैं, जिससे बाह्य ऋण पर निर्भरता को कम किया जा सकता है। 4. वित्तीय अनुशासन: सरकार की विवेकपूर्ण वित्तीय नीतियां और अनावश्यक व्यय नियंत्रित करने के उपाय बाह्य ऋण के स्थिरीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। अन्त में, बाह्य ऋण न केवल विकासशील बल्कि विकसित देशों के लिए भी एक जटिल विषय है। इसे सही तरीके से प्रबंधित करने के लिए कुशल और सुविचारित नीतियों की आवश्यकता होती है। आर्थिक नीति में सुधार, राजस्व संग्रहण में सुधार, और विदेशी निवेश को प्रोत्साहित करने के साथ, देश बाह्य ऋण के दबाव को कम कर सकते हैं। Eulerpool हमारे उपयोगकर्ताओं को इस महत्वपूर्ण विषय पर विस्तृत और अद्यतित जानकारी उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे वे सूचित निर्णय ले सकें और एक समृद्ध और स्थिर आर्थिक भविष्य की दिशा में अपने कदम बढ़ा सकें।